गर्भाशय नीचे आने पर क्या करना चाहिए?HealthPlanet

Posted on Tue 7th Feb 2023 : 11:13

बच्चेदानी के बाहर आने के ये हैं लक्षण, जानिए कारण और घरेलू उपचार
महिलाओं की बच्चेदानी एक अहम अंग है। इसी के जरिए पीरियड्स आते हैं। वहीं मां बनती है। लेकिन बच्चेदानी से जुड़ी बहुत की प्रॉब्लम भी हैं। जैसे- यूट्रस की रसौलियां, सूजन, इंफेक्शन आदि। जिसके चलते प्रैगनेंसी में दिक्कत आती है। इसी के साथ एक और समस्या है बच्चेदानी के बाहर खिसकने की। ये समस्या 50 से 60 साल की महिलाओं को होती है। इसमें गर्भाशय आगे खिसकने लगता है। इस कारण महिलाएं यूरिन रोक नहीं पातीं है। उन्हें गैस की शिकायत रहती है। आइए जानते हैं बच्चेदानी के खिसकने का कारण क्या है। इसे वापस अपनी जगह पर कैसे किया जा सकता है।

बच्चेदानी ब्लैडर और रेक्टम के बीच होती है। रेक्टम के जरिए मल त्याग किया जाता है। जब बच्चेदानी खिसकती है, तो सबसे अधिक परेशानी ब्लैडर और रेक्टम से जुड़ी आती है। जैसे-

1. कब्ज

2. ब्लॉटिंग

3. यूरिन पास करने में दर्द

4. पेट के निचले हिस्से में भारीपन महसूस

5. नीचे बैठने में परेशानी

6. हिप्स और पेट का ज्यादा बाहर निकला

7. हसंने, खांसने या कूदने पर यूरिन निकल जाना


बच्चेदानी बाहर खिसकने के कारण

1. उम्र बढ़ने के साथ शरीर कमजोर होना

2. प्रेगनेंसी और लेबर पेन

3. मेनोपॉज की वजह से

4. वजन ज्यादा होने पर

5. फिजिकल एक्टिविटी नहीं करने पर

6. उम्र बढ़ने के साथ महिला के शरीर का निचला हिस्सा कमजोर हो जाता है।


यूटेरिन प्रोलैप्स से बचाव के उपाय

- सबसे पहले अपना पोश्वर सहीं रखें। कई बार महिलाओं के हीप पीछे की ओर से ऊपर उठने लगता है। आगे से वो झुकी हुई नजर आती हैं। ये बच्चेदानी को कमजोर करता है।

- यूरिन व मल त्याग करते हुए जोर ना डालें। इससे बच्चेदानी पर प्रेशर पड़ता है।

- हफ्ते में दो बार स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और साइकलिंग करें। इससे पेल्विक एरिया और पैर मजबूत होंगे।

- सहीं फुटवियर पहनें और हिप्स निकाल कर ना चलें।

- डाइट में फाइबर पदार्थ लें, ताकि कब्ज ना हो। कैश्लियम, पोटेशियम और मैग्नीशियम भरपूर आहार का सेवन करें।

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